हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के उत्पादन और निर्यात में भारत का शीर्ष स्थान

मलेरिया के इलाज में प्रयोग होने वाली हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की दवा का निर्यात सबसे ज्यादा भारत से किया जाता है। भारत इसका सबसे बड़ा उत्पादक है। देश के पास हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा का तेजी से उत्पादन बढ़ाने की क्षमता है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने इस दवा की मांग की थी। जिसके बाद भारत इसके निर्यात पर पाबंदी हटाने को सहमत हो गया है। कोरोनावायरस महामारी के बीच इस दवा समेत दो दर्जन से अधिक रसायनों के निर्यात पर पाबंदी लगा दी गई थी।

निर्यात पर पाबंदी हटाने से पहले अधिकारियों ने इस बात का आकलन किया कि कोरोनावायरस महामारी को देखते हुए देश को इस दवा की कितनी जरूरत है। इंडियन फार्मास्युटिकल एलायंस के महासचिव सुदर्शन जैन के अनुसार दुनिया में आपूर्ति होने वाली कुल हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन में भारत की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत है। देश में हर महीने 40 टन हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन उत्पादन की क्षमता है। यह 200-200 एमजी के करीब 20 करोड़ टैबलेट के बराबर है।

क्या है हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन?

हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा मलेरिया के इलाज में प्रयोग की जाती है। हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन दवा को एंटी मलेरिया ड्रग के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इसका इस्तेमाल मलेरिया के अलावा आर्थराइटिस के इलाज में भी किया जाता है।

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